ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है * * * * नशा हे ख़राब झन पीहू शराब * * * * जल है तो कल है * * * * स्वच्छता, समानता, सदभाव, स्वालंबन एवं समृद्धि की ओर बढ़ता समाज * * * * ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है

01 नवंबर, 2011

एक और एक ग्यारह ; छत्तीसगढ़ इलेवन

         आज 1 नवंबर 2011 है और आज एक के अंक की पांच आवृत्तियां एक साथ है . इस वर्ष 2011 में यह दुर्लभ संयोग तीसरी बार आया है . पहली बार  1 जनवरी 2011 को एक की चार आवृत्तियां 1.1.11 एक साथ थी . दूसरी बार 11 जनवरी को जब पांच आवृत्तियां 11.1.11 एक साथ थी . अब 1 नवंबर को तीसरी बार एक के अंक का यह दुर्लभ संयोग आया है . दस दिन बाद पुनः एक दुर्लभ संयोग आने वाला है . 11.11.11 को अंकीय संयोग इस साल चौंका और एक का अंक छक्का मारेगा . ऐसा दुर्लभ संयोग सौ साल में देखने को मिलता  है .

                छत्तीसगढ़ भी आज अपने निर्माण के 11 साल पूरे कर रहा है . तत्कालीन प्रधानमंत्री माननीय अटलबिहारी वाजपेयी ने पूरे मनोयोग से 1.11.2000 को छत्तीसगढ़ ,उत्तराखंड और झारखण्ड का निर्माण किया था . तीनों नवोदित राज्य आज विकास की दिशा में तेजी से दौड़ रहे है लेकिन छत्तीसगढ़ सबसे तेज है . मध्यप्रदेश का छत्तीसगढ़ अंचल अब छत्तीसगढ़ इलेवन हो गया है . एक और एक ग्यारह होते है इस कहावत को छत्तीसगढ़ सरकार  ने चरितार्थ करते हुए मिलजुल कर शांति और विकास की दिशा में जनता के साथ कदमताल मिलाया है .
आप सबको छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की  11 वीं वर्षगांठ की हार्दिक बधाई  .

जय जोहार  : जय छत्तीसगढ़   

23 अक्तूबर, 2011

दिवाली में राम वन गमन मार्ग एवं हाईटेक पटाखें


 
दीपावली के अवसर पर पटाखों के प्रदुषण की चिंता बहुत लोगों को रहती है . पिछली दिवाली में भी मैनें पर्यावरण रक्षा की अपील की थी , जिसका काफी असर हुआ था .  इस बार भी हम आपके लिए प्रदुषण मुक्त पटाखे ढूंढ़ कर लाये है . आप इन पटाखों का इस्तेमाल करें और घर के बच्चों को भी प्रेरित करें . इन पटाखों से बच्चों को दिवाली का पूरा आनंद तो मिलेगा ही साथ ही साथ पर्यावरण की भी रक्षा होगी . तो अब शुरू हो जाइये और अपने मनपसंद पटाखे पर क्लिक कीजिये . कैसा लगा यह बताना ना भूलें .

(3)   अनार




इस बार दिवाली ग्रीटिंग कार्ड में हमने भगवान श्री रामचंद्र जी के वन गमन मार्ग को रेखांकित करने वाला नक्शा प्रकाशित किया है . यह नक्शा छत्तीसगढ़ में राम वन मार्ग शोध दल ने काफी मेहनत के बाद  जारी किया है .




22 अक्तूबर, 2011

सुरक्षा परिषद् बनेगा अखाड़ा

भारत संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य बन गया हैं.भारत  के अलावा  पाकिस्तान  मोरोक्को, ग्वातेमाला और टोगो को भी अस्थाई सदस्य चुन लिया गया है.


संयुक्त राष्ट्र में दो साल के लिए पांच सदस्य चुने जाने हेतु मतदान हुआ था. सुरक्षा परिषद में पांच स्थाई सदस्यों के अलावा दस अस्थाई सदस्य होते हैं. इन दस में से पांच के लिए हर वर्ष चुनाव होता है. हर अस्थाई सदस्य दो वर्ष के लिए सुरक्षा परिषद का हिस्सा बनता है.


पाकिस्तान  के सुरक्षा परिषद के  अस्थाई सदस्य बनने से यह संभावना बढ़ गई है कि पाकिस्तान  कश्मीर  संबंधी  विवाद  के लिए  सुरक्षा परिषद् को अखाड़ा बनाने का प्रयास करेगा .


20 अक्तूबर, 2011

सैन्य बलों में ईंधन के बेतहाशा इस्तेमाल का दुष्प्रभाव

लंदन में हुई विशेषज्ञों की एक कांफ़्रेंस के अनुसार जलवायु परिवर्तन विश्व भर में स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए “एक बड़ा और गहराता ख़तरा ” है. ब्रितानी सेना के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले संघर्षों के चलते ईंधन जैसी वस्तुओं की क़ीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. लंदन में हुई कांफ़्रेस के बाद जारी बयान में कहा गया है कि भविष्य में मानवीय त्रासदियां सैनिक संसाधनों पर और दबाव डालेंगी.

सम्मेलन ने सरकारों से ग्रीनहाउस गैसों में कटौती के लक्ष्यों को और महत्वकांक्षी बनाने का आहवान किया है. संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक जलवायु कांफ़्रेंस डेढ़ महीने बाद शुरू होगी. इस बैठक से पहले लंदन में ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन के मुख्यालय में कई विशेषज्ञों ने एक सम्मेलन में विकसित और विकासशील देशों से जलवायु परिवर्तन पर गंभीर होने की अपील की है.

 
सैन्य बलों में ईंधन के बेतहाशा इस्तेमाल करने का दुष्प्रभाव  :--

0   ईंधन की क़ीमत बढ़ने से ब्रिटेन जैसे देशों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा.
0   सैन्य बल दुनिया भर में बड़ी मात्रा में ईंधन का उपभोग करते हैं.
0   जिस समुद्री जहाज़ को 12 ईंच आगे बढ़ाने के लिए एक गैलन तेल लगता हैं. 
0   जलवायु परिवर्तन की वजह से विकासशील देशों में कई दुष्प्रभाव पड़ने की चेतावनी दी
0   इससे कुपोषण बढ़ेगा और कुछ संक्रामक रोगों के और फैलने की भी आशंका है.
0   किस तरह अफ़गानिस्तान में सेना के इस्तेमाल के लिए पहुंचने वाला पेट्रोल दस गुना अधिक मंहगा हो जाता  है क्योंकि इसे पाकिस्तान से सड़क के रास्ते लाया जाता है.