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12 अगस्त, 2011

स्वस्थ व्यसन मुक्त देश , ये है राखी का सन्देश .

स्वस्थ व्यसन मुक्त देश , ये है राखी का सन्देश 

 शिक्षा , स्वास्थ्य , भ्रूण हत्या और नशा मुक्ति का  सन्देश देती राखियाँ इस बार  अहमदाबाद के बाजार में खूब बिक रही है . रक्षाबंधन  के पावन पर्व में सामाजिक बुराइयों को ख़त्म करने का सन्देश देने की यह अच्छी परंपरा है .  गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इसे बढ़ावा देने के लिए राखियों में अपने हस्ताक्षर किये है .

देखिये कुछ स्लोगन : ----

बेटी ही रिश्ते की दौर है , बेटी ही रिश्ते की जोड़  है.


जिसकी बेटी शिक्षित , उसकी उन्नति निश्चित .

 बेटी को पढाओ , घर और परिवार सजाओ .

स्वस्थ व्यसन मुक्त देश , ये है राखी का सन्देश

टेलीविजन चैनल  " लाइव इंडिया " की इस खबर को आप इस विडिओ में देख सकते है - -


   
                                        

11 अगस्त, 2011

सावन तूने निराश किया , धरती को उदास किया .

सावन तूने निराश किया , धरती को उदास किया .

खेतों की हरियाली को ,
किसानों की खुशहाली को ;
तूने बहुत हताश किया .
सावन तूने निराश किया , धरती को उदास किया .


रूठे बादलों को मनाने का ,
हवाओं को  फुसलाने का  ;
क्यों नहीं प्रयास किया ,
सावन तूने निराश किया , धरती को उदास किया .


अब तू जाने वाला है ,
पड़ गया सूखे से पाला है ;
क्यों हमने तुम पर आस किया ?
सावन तूने निराश किया , धरती को उदास किया .

10 अगस्त, 2011

रेडियो पुराने ज़माने की बात नहीं --- अशोक बजाज

 रेडियो श्रोता सम्मलेन तिल्दा नेवरा

 रायपुर जिले के तिल्दा नेवरा के समीप सासाहोली में दिनांक 7 अगस्त 2011 को अहिंसा रेडियो  श्रोता संघ एवं वर्धमान रेडियो श्रोता संघ के संयुक्त  तत्वाधान में एक दिवसीय रेडियो श्रोता सम्मलेन का आयोजन किया गया .  सम्मलेन के मुख्य अतिथि अशोक बजाज ने " श्रोता गाईड " का  विमोचन किया गया . इस सम्मलेन में नगर पालिका अध्यक्ष ड़ोंगेन्द्र नायक ,आकाशवाणी रायपुर के लोकप्रिय एनाउंसर  श्याम वर्मा , झावेंद्र कुमार धुव , प्रदीप जैन ,लक्ष्मण गिरी गोस्वामी,प्रदीप चन्द्र ,संतोष वैष्णव , ललित साहू ,हीरामणि वर्मा ,वीरेंद्र निर्मलकर , रमेश यादव ,मिलऊ दास कुलदीप ,धरमदास बाधवानी , दिनेश कुमार वर्मा , भागवत वर्मा , द्वारिका वर्मा , ईश्वरी प्रसाद साहू , आर. सी. कामड़े , संजय साहू , डी.पी.वर्मा , दीपक शर्मा , बैजू शर्मा , पवन अग्रवाल , अन्नू शर्मा , चन्द्रकुमार पाटिल एवं लक्ष्मीचंद नागवानी सहित  रायपुर , दुर्ग , भिलाई एवं कवर्धा जिले के रेडियो श्रोताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया .श्रोताओं ने आगामी 20 अगस्त 2011 को  भाटापारा में आयोजित रेडियो श्रोता दिवस समारोह  को सफल बनाने का संकल्प लिया .

दैनिक नईदुनिया रायपुर दिनांक 10 अगस्त 2011       

08 अगस्त, 2011

गीत-संगीत से मिटाए बुढ़ापे का दर्द

 
 संगीत बन सकता है साथी
बुढ़ापे में अकेलेपन और अपने दर्द को भुलाने के लिए गाना अच्छा तरीका है. गाने से सुनने की क्षमता भी बढ़ती है और लोगों से मेल जोल भी बढ़ता है.

ऐसी कम ही संभावना है कि इंगे एकल गीतनाट्य में भाग्य ले पाएं. लेकिन फिर भी वह हर सप्ताह मंडली में रिहर्सल करने जाती हैं. 10 से भी ज्यादा देशों के नागरिक इस मंडली के सदस्य हैं. और आधे से अधिक 40 और 60 के बीच आयु वर्ग के हैं. इंगे कहती है, "मैं जब से स्कूल में थी तब से गाना गाती आई हूं. यह मेरे लिए आराम देने वाला काम है. इसे करके मैं अपने रूटीन काम से छुटकारा पाती हूं."

चाहे आप 50 के हों या 70 के गायिकी ही एक ऐसी चीज हैं जिसे आप कर सकते हैं. जानकार मानते हैं कि इससे स्मरणशक्ति और श्रवणशक्ति   में सुधार  होता है. एलिजाबेथ बेंगस्टन कहती हैं, "यदि आप अपने गीत पर ध्यान देते हैं तो आप अपने दिमाग को भी फिट रखते हैं. क्योंकि वह दिमाग को सक्रिय रखता है." 65 साल की बेंगस्टन तीन साल की उम्र से गाना गा रही हैं.

बढ़ती उम्र में गाएं गाना

बेंगस्टन हैमबर्ग के संगीत और थिएटर विश्वविद्यालय में कई वर्षों से संगीत सिखा रही हैं. 1990 से वह बुजुर्गों के लिए संगीत पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं. गाने में स्वर पर ध्यान देना एक जटिल कार्य है. शरीर के अन्य हिस्सों की ही तरह वोकल कॉर्ड भी बूढी होती है. बेंगस्टन कहती हैं, "25 साल के नौजवान के मुकाबले 55 साल वालों के पास सांस लेने की क्षमता कम होगी."

बुजुर्ग गायक ज्यादा देर तक स्वर नहीं खींच सकते और ऊंचे स्वर में उन्हें परेशानी होती हैं. उम्र के साथ महिलाओं की आवाज भी तीखी हो सकती है. लेकिन खर्ज आवाज या ऊंचे स्वर में गाना एक बुजुर्ग को पाना मुश्किल नहीं हैं. मांसपेशियों को खराब होने से बचाने के लिए सबसे अच्छा है व्यायाम करना. खराब स्वर को ग्रुप के साथ ट्रेनिंग के जरिए ठीक किया जा सकता है.

प्रैक्टिस जरूरी है

नॉर्थराइन वेस्टफालिया एसोसिएशन ऑफ कोर की प्रमुख क्लाउडिया रुएबेन लॉक्स कहती हैं, "दिनचर्या बनाना बहुत ही महत्वपूर्ण है. प्रैक्टिस के दौरान अंतर छोटे होने चाहिए और आपको नए नए टुकड़ों की बार-बार प्रैक्टिस करनी चाहिए."  हालांकि ज्यादातर यह निर्भर करता है कि बुजुर्गों को कितने नए गाने दिए जाते हैं. लॉक्स कहती हैं, "संगीत बुजुर्गों के लिए गाना गाने के अलावा संपर्क का भी काम करता है. यह आपके दिमाग को साफ रखता है और आप अकेलेपन और दर्द से बाहर आते हैं.".

लॉक्स जोर देती हैं कि गाना गाने से इंसान खुश रहता है. लेकिन बहुत से बुजुर्ग संगीत के इस फायदे के बावजूद शुरुआत नहीं करना चाहते. बेंगस्टन कहती हैं, "बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो सोचते हैं कि वे गाना नहीं गा सकते. लेकिन यह एक भ्रांति है." अगर कोर का उद्देश्य दर्शकों के सामने गाना गाने का है तो ऐसा करके वह लोगों के लिए प्रेरणा का भी काम कर सकते हैं. लॉक्स कहती हैं, "उनके पास एक मौका है यह दिखाने का कि वह भी कुछ कर सकते हैं. खासकर के अपने पोते-पोतियों को."  आमिर अंसारी डायचे वेले