ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है * * * * नशा हे ख़राब झन पीहू शराब * * * * जल है तो कल है * * * * स्वच्छता, समानता, सदभाव, स्वालंबन एवं समृद्धि की ओर बढ़ता समाज * * * * ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है

05 नवंबर, 2010

दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं - अशोक बजाज



दीपावली की आप सबको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

                                                                       --   अशोक बजाज



ग्राम चौपाल की ओर से पेश है प्रदूषण मुक्त अनारदाना 






रायपुर से प्रकाशित लोकप्रिय हिंदी दैनिक '' नेशनल  लुक '' के दीवाली अंक 5-10-20100 में ग्रीटिंग कार्ड .

03 नवंबर, 2010

भारतीय मूल की निक्की बनीं अमेरिका की गवर्नर

       अमेरिका साउथ कैरोलाइना राज्य में गवर्नर पद का चुनाव भारतीय मूल की महिला निक्की हेली ने जीत लिया है. निक्की इस राज्य की पहली महिला गवर्नर हैं. 38 साल की निक्की बैमबर्ग में रहने वाली निम्रता रंधावा की बेटी हैं. अमृतसर से आए उनके मां बाप  के दो और बच्चे भी हैं. इससे पहले वह सिले सिलाए कपड़ों के पारिवारिक कारोबार से ही जुड़ी थीं.रिपब्लिकन पार्टी की निक्की को लगभग 51फीसदी वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंदी विंसेंट शेहीन को लगभग  47 फीसदी मत.ये वो राज्य है जो कुछ दशक पहले तक नस्लभेदी संघर्षों के लिए जाना जाता था.

हम भारतीयों को निक्की हेली की शानदार सफलता पर नाज है .क्योकि यह सन्देश दीपावली का उपहार लेकर आया है ,हमारी ओर से उन्हें ढेर सारी बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं .
Haley elected in South Carolina as governor

.By Ames Alexander
Charlotte Observer
Nikki Haley, the tea party favorite who overcame controversy and rose to national prominence this year, was elected South Carolina's first female governor Tuesday.
With more than 90 percent of precincts reporting, the rising Republican star had collected 52 percent of the vote. Democratic state senator Vincent Sheheen had 46 percent, according to the New York Times. Sheheen congratulated Haley Tuesday night, saying the race had been "oh, oh, so close."
In a state that has elected only white males to the Governor's Mansion, the former state lawmaker's election is historic.
Haley, the daughter of Sikh immigrants, will be the state's first nonwhite governor - and the nation's second Indian-American governor.
Early this year, Haley won endorsements from GOP luminaries including Sarah Palin, Mitt Romney and former S.C. first lady Jenny Sanford. She went on to beat three better-financed, better-established opponents in the GOP primary.
Polls showed that Haley had lost some of her edge during the final weeks of her campaign. But running in a conservative state during a difficult year for Democrats, Sheheen faced an uphill fight.
Haley will succeed Mark Sanford, a Republican whose final 18 months in office were marred by revelations of an affair with an Argentine woman and the breakup of his marriage.Miami Herald 00232

02 नवंबर, 2010

सावधान : गूगल ने डाटा और पासवर्ड्स चुराया

 अपनी छत पर एंटीना लगाए कोई ऐसी कार आपके घर के आसपास से गुजरे जिस पर गूगल लिखा हो तो आपको सावधान हो जाना चाहिए. यह कार आपके कंप्यूटर में रखा डाटा, आपके ईमेल के पते और यहां तक कि आपके पासवर्ड्स भी छू मंतर कर सकती है.

गूगल की कार
     ऐसा जर्मनी और ब्रिटेन में हो चुका है. गूगल ने खुद माना है कि उसकी कार ने लोगों के पासवर्ड्स और डाटा चुराया. जर्मनी के बाद गूगल ने ब्रिटेन में भी लोगों की जासूसी की बात मान ली है.  कैलिफॉर्निया स्थित इस इंटरनेट सर्च इंजन ने हालांकि अपनी इस हरकत के लिए माफी मांगी है लेकिन ब्रिटेन ने इस बात को काफी गंभीरता से लिया है.लोगों की निजता के पहरेदार इन्फॉर्मेशन कमिशनर के दफ्तर ने कहा है कि वह गूगल के माफीनामे पर विचार करेगा.

अखबार द संडे टेलीग्राफ ने खबर छापी है कि गूगल ने अपनी नई सर्विस स्ट्रीट व्यू के लिए डाटा जुटाने के वास्ते जो कार भेजी उसने लोगों के ईमेल्स और डाटा चुराए.  अखबार ने कंपनी के इंजीनियरिंग और रिसर्च शाखा के उपाध्यक्ष एलन यूस्टेस के हवाले से लिखा है, "जो डाटा हमें मिला है, उसके अवलोकन से साफ जाहिर है कि कुछ मामलों में ईमेल के पूरे पते और यूआरएल के साथ साथ पासवर्ड्स भी आ गए हैं.  हालांकि ज्यादातर डाटा खंडित है. लेकिन हम इसे जल्द से जल्द डिलीट करना चाहते हैं. मैं इस बात के लिए माफी चाहता हूं कि हमने ऐसा किया."

गूगल की इस हरकत का असर इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लाखों लोगों पर हुआ है. गूगल ने डाटा जुटाने का यह काम 2008 में शुरू किया. इस साल मई में गूगल ने माना कि उसकी कार सूचनाएं जुटाने के लिए वायरलेस तकनीक से काम कर रही है.  इस तकनीक के जरिए रेडियो तरंगें कंप्यूटर को टेलीकम्यूनिकेशन नेटवर्क्स से जोड़ देती हैं. स्ट्रीट व्यू के लिए गूगल ने अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी समेत कई देशों में तस्वीरें ली हैं.

इस सूचना में लोगों के निजी ईमेल भी उसके पास जमा हो गए हैं. लोगों ने जो इंटरनेट वेबसाइटें देखीं वे सारी इस डेटा में आ गईं और पासवर्ड्स भी उसे मिल गए.

प्राइवेसी इंटरनेशनल के सिमोन डेविस कहते हैं कि ये स्कैंडल जैसे हालात हैं. उन्होंने कहा,  "कंपनी को पूरी जांच करनी चाहिए और उसके बाद एक सार्वजनिक रिपोर्ट जारी करनी चाहिए कि असल में क्या हुआ.  ऐसे बहुत से सवाल हैं जिनका जवाब लोगों को मिलना ही चाहिए."

प्राइवेसी इंटरनेशनल ने इस मामले में स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस को एक शिकायत भी की है. DW   00242
 

01 नवंबर, 2010

विकीपीडिया का दफ़्तर भारत में

ऑनलाइन वेबसाइट विकीपीडिया चलाने वाली ग़ैर मुनाफ़े वाली संस्था विकीमीडिया फ़ाउंडेशन अमरीका के बाहर अपना पहला दफ़्तर भारत में खोलेगी, हालांकि अभी ये साफ़ नहीं है कि ये दफ़्तर किस शहर में खुलेगा.जगह की रेस में दिल्ली,  मुंबई और बंगलौर शामिल हैं.

   विकीपीडिया के सहसंस्थापक  और प्रोमोटर जिमी वेल्स ने बीबीसी को बताया कि दफ़्तर खुलने का काम अगले छह महीने में होगा.वे  विकीपीडिया का इस्तेमाल करने वालों से मिलने के लिए मुंबई आए हुए थे.हालांकि उन्होंने ये कहा कि उन्हें पता नहीं कि इस दफ़्तर को तैयार होने में छह महीने का वक्त क्यों लग रहा है क्योंकि इस योजना से और लोग जुड़े हैं.
जिमी वेल्स ने कहा कि चीन जैसे देश में दफ़्तर खोलना काफ़ी मुश्किल है क्योंकि वहाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता काफ़ी सीमित है.उन्होंने कहा, ''अगर हमें चीन में रहना है तो हमें सेंसरशिप को मानना पड़ेगा जिससे हमने इनकार कर दिया.''

जिमी ने कहा, ''मैं विकीपीडिया के भारत में आने को लेकर बहुत उत्साहित हूँ. इसके कई कारण हैं. बड़ी संख्या में लोग इंटरनेट से जुड़ रहे हैं. हमारा स्थानीय चैप्टर बंगलौर में है. वो कई समस्याओं को सुलझाने में लगे हैं, चाहे वो तकनीकी हो या फिर कोई और.''

भारत की समस्या

भारत में एक मूलभूत सुविधाओं की बड़ी समस्या है, चाहे वो इंटरनेट में तेज़ी की बात हो या फिर बात हो लोगों की इंटरनेट से जुड़ने की.भारत में मात्र आठ करोड़ लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं जो दुनिया का 4.7 प्रतिशत है.इस पर जिमी वेल्स ने कहा कि समस्याएं तो हैं लेकिन वो घट रही हैं और आगे भी घटेंगी.भारत में खुलने वाले इस दफ़्तर में तीन से चार लोग होंगे.जिमी वेल्स ने कहा है कि इस दफ़्तर का ध्यान भारतीय भाषाओं के फ़ैलाव पर होगा.उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि भारतीय भाषाओं के ज़्यादा लोग विकिपीडिया से जुड़ें ताकि उन भाषाओं में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी विकीपीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुँच सके.उन्होंने कहा कि वो स्थानीय संस्थाओं से संपर्क में रहेंगे ताकि विकीपीडिया ज़्यादा फ़ैले.

भारतीय भाषाओं में उपलब्धता


विकीपीडिया 20 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है और भारत में 200 से ज्यादा प्रबंधक इससे जुड़े हैं. भारतीय भाषाओं में सबसे ज़्यादा पन्ने हिंदी में हैं – 57800 से ज़्यादा.इसके बाद तेलुगू (45000 पन्नों से ज़्यादा), मराठी (31400 पन्नों से ज़्यादा), मलयालम (25,600 से ज़्यादा), गुजराती (17,140 से ज़्यादा) और मलयालम (14800 से ज़्यादा) का नंबर आता है.लेकिन समस्या है लोगों को इंटरनेट पर भारतीय भाषाओं के लेखों से जोड़ने की क्योंकि इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की एक बड़ी संख्या अंग्रेज़ी लेखों को पढ़ती है. उन्हें न ही हिंदी टाइपिंग आती है, न ही भारतीय भाषाओं के लेखों के इंटरनेट पर उपलब्ध होने के बारे में पता है.जिमी वेल्स ने कहा कि विकीपीडिया की कोशिश है कि सबसे ज़्यादा बोलने वाली 10 भारतीय भाषाओं के एक लाख से ज़्यादा पन्ने हों.

उन्होंने विकीपीडिया को स्कूलों, कॉलेजों और स्थानीय संगठनों से जोड़ने की बात की ताकि भारतीय भाषाओं के ज़्यादा से ज़्यादा लोग विकीपीडिया से जुड़ें.उन्होंने कहा कि भविष्य में विकीपीडिया का ध्यान अरबी भाषा पर होगा.विकीपीडिया में अंग्रेज़ी के डेढ़ करोड़ से ज़्यादा लेख हैं. 270 से ज़्यादा भाषाओं में और 40 करोड़ से ज़्यादा लोग विकीपीडिया के लेख पढ़ते हैं. इसको पढ़ने वालों में 87 प्रतिशत पुरुष हैं.बीबीसी हिन्दी 00257